Shayari for Winters/ Sardi Shayari

  1. फूलों की सुगंध, मूँगफली की बहार
    सर्दी का मौसम आने को तैयार
    रजाई,स्वेटर रखो तैयार
    हैप्पी सर्दी का मौसम मेरे यार.
  2. सर्दी के मौसम का मजा अलग सा है,
    रात मे रजाई का मजा अलग सा है,
    धुंध ने आकर छिपा लिया सितारों को,
    आपकी जुदाई का ऐहसास अब अलग सा है।
  3. फिर से तेरी यादों का मेरे दिल में बवंङर है
    वही मौसम, वही सर्दी, वही दिलकश दिसंबर है.
  4. अभी फिर से फूटेगी यादों की कोंपल
    अभी रग से जाँ है निकलने का मौसम
    अभी ख़ुशबू तेरी मिरे मन में हमदम
    सुब्ह शाम ताज़ा तवाना रहेगी
    अभी सर्द झोंकों की लहरें चली हैं
    कि ये है कई ग़म पनपने का मौसम
    सिसकने सुलगने तड़पने का मौसम
    दिसम्बर दिसम्बर दिसम्बर दिसम्बर
  5. क्यूँ किसी की यादों को सोच कर रोया जाए,
    क्यूँ किसी के ख्यालों में यूँ खोया जाए,
    बाहर मौसम बहुत ख़राब हैं,
    क्यूँ न रजाई तानकर सोया जाए.
  6. सर्द रातों को सताती है जुदाई तेरी,
    आग बुझती नहीं सीने में लगाई तेरी,
    जब भी चलती हैं हवाऐं..
    दिल को आ जीती है फिर से याद तेरी।
  7. दिसम्बर के मौसम मे तुझे लगे मुहब्बत की ठंङ
    अौर तू तङप कर माॅगे मुझे कम्बल की तरह

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