Bewafa Shayari in Hindi

  1. मेरे कलम से लफ्ज़ खो गए शायद
    आज वो भी बेवफा हो गाए शायद
    जब नींद खुली तो पलकों में पानी था
    मेरे ख्वाब मुझपे रो गाए शायद
  2. फ़ुर्सत किसे है जख्मो को सहलाने की,
    निगाहें बदल गयी हैं अपने बेगानो की,

    हमसफ़र ही साथ छोड़ गया मेरा,
    अब तमन्ना ना रही आशियाँ बनाने की,

    राख हो गया चमन अरमानो का,
    नामों निशा ना बचा मेरे अफ़साने का,

    बर्बादी पर रंजो गम कैसे यारो,
    हशर यही तो होता है दीवानो का!

  3. वो पानी की लहरों पे क्या लिख रहा था,
    खुदा जाने वो क्या लिख रहा था,
    महोब्बत में मिली थी नफरत उसे भी शायद,
    इसलिए हर शख्स को शायद बेवफा लिख रहा था।
  4. रोये कुछ इस तरह से मेरे जिस्म से लग के वो,
    ऐसा लगा कि जैसे कभी बेवफा न थे वो।
  5. छोड़ कर जिन बेवफाओ को जाना होता है

    नाराज़गी तो बस उनका एक बहाना होता है ||

  6. उसके चले जाने के बाद…हम महोबत नहीं करते किसी से,
    छोटी सी जिन्दगी है…किस किस को अजमाते रहेंगे.
  7. रुसवाईयों की बात क्यों करते हो
    तन्हाईयों में याद क्यों करते हो।।
    वफा नहीं करना तो कोई बात नहीं
    बेवफाई की बात क्यों करते हो
  8. किसी और के बाहों में रहकर,
    वो हम से वफा की बात करते हैं…
    ये कैसी चाहत हे यारों…?
    वो बेवफा हे जानकर भी हम उन्हीं से ही प्यार करते हैं….
  9. कैसे बुरा कह दूँ तेरी बेवफाई को,
    यही तो है जिसने मुझे मशहूर किया है.
  10. जरूरी नहीं की हर रिश्ता
    बेवफाई के साथ ही खत्म हो
    कुछ रिश्तें किसी की
    ख़शी के लिए भी तोड़ने पड़ते हैं!
  11. लिख-लिख कर मिटा दिए तेरी बेवफाई के गीत,
    किया करती थी तू भी वफ़ा एक ज़माने में।
  12. इश्क के इस दाग का एक बेवफा से रिश्ता है
    इस दुनिया में सदियों से आशिक का ये किस्सा है

    दर्दे-दिल की आग को कोई सागर क्या बुझाएगा
    दिलजला तो मौत के पहलू में जाकर ही बुझता है

    हर सितम एक आईना है, तुमको देखूं बार-बार
    खूने-जिगर तो तेरी जफा ही पाने को तरसता है

    कागज के फूलों की खुशबू भर जाती है आंखों में
    तेरे इन पुराने खतों में तेरा साया दिखता है

  13. हमने चाहा था जिसे उसे दिल से भुलाया न गया,
    जख्म अपने दिल का लोगों से छुपाया न गया,
    बेवफाई के बाद भी प्यार करता है दिल उनसे,
    कि बेवफाई का इल्ज़ाम भी उस पर लगाया न गया।
  14. उसने महबूब ही तो बदला है फिर ताज्जुब कैसा,
    दुआ कबूल ना हो तो लोग खुदा तक बदल लेते है।
  15. वो मुझे दिल से भूला बैठे है
    वो मेरी वफा को बेवफाई में मिला बैठे है।
    वो मेरी खुशियों को आंसूओं में गिरा बैठे है।
    वो मेरी मुस्कराहट को फूल की तरह मुरझा बैठे है।
  16. सच्चा प्यार क्या होता हैं ये उस इंसान से पूछो ,
    जिसके दिल टूटने पर भी किसी के लौट आने का इंतज़ार हो….!!
  17. हमारे हर सवाल का सिर्फ एक ही जवाब आया,
    पैगाम जो पहूँचा हम तक बेवफा इल्जाम आया।
  18. वो हमसफ़र कैसे थे जो सफ़र छोड़ गये,
    बिना कसूर प्यार का रिश्तां तोड़ गये,
    वो कभी हमे याद करते नही,
    और खुद की याद मे हमको तड़पता छोड़ गये.
  19. जिस किसीको भी चाहो वोह बेवफा हो जाता है,
    सर अगर झुकाओ तो सनम खुदा हो जाता है,
    जब तक काम आते रहो हमसफ़र कहलाते रहो,
    काम निकल जाने पर हमसफ़र कोई दूसरा हो जाता है…
  20. बिन उस की ज़िंदगी दर्द-ए-तन्हाई है,
    मेरी आँखों में क्यू मौत सिमट आई है,
    कहते हैं लोग इश्क़ को इबादत यारो,
    इबादत में फिर क्यू इतनी रुसवाई है!!
  21. वो कह कर गई थी कि लौटकर आऊँगी,
    मैं इंतजार ना करता तो क्या करता,
    वो झूठ भी बोल रही थी बड़े सलीके से,
    मैं एतबार ना करता तो क्या क्या करता।
  22. तुम अगर याद रखोगे तो इनायत होगी,
    वरना हमको कहाँ तुम से शिकायत होगी,
    ये तो वही बेवफ़ा लोगों की दुनिया है,
    तुम अगर भूल भी जाओ जो रिवायत होगी।
  23. पढ़ रहा हूँ मै इश्क़ की किताब ऐ दोस्तों
    ग़र बन गया वकील तो बेवफाओं की खैर नही

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